Total Pageviews

Monday, 30 August 2010

अलगाववादी

अब वे मुझपर चाहकर भी

आरोप नहीं लगा सकते

कि मैं लोगों को भड़काता हूँ

मैं देशद्रोही और अलगाववादी हूँ

मैं आम आदमी को

मजबूत डंडे में झंडा

लगाकर हाथ थमा आया हूँ

ताकि एक दिन झंडे के डंडे का

वे सही इस्तेमाल कर सकें

अपनी आत्म रक्षा में

सरकार कि मुहीम के खिलाफ


केदार नाथ "कादर"

3 comments:

  1. वाकई झंडे में डंडे का मतलब यही है कि‍ झंडा जि‍स पर चढ़ा हुआ है ये वो लाठी है जो जि‍सकी होती है वही भैंस का मालि‍क होता है। बाल ठाकरे, मायावती, दाउद इब्राहि‍म, हर्षद मेहता, सोनि‍या गांधी लाठी सबके हाथ में है जी....

    ReplyDelete
  2. bilkul satik baat............

    ReplyDelete
  3. Aapke samarthan ke liye bahut bahut aabhar aapka.

    ReplyDelete